यह डिश देखने में बेहद साधारण है, लेकिन बंगाली घरों में पोस्तो को जो इज़्ज़त मिलती है, वह किसी और मसाले को नसीब नहीं- हर रसोई में खसखस का डिब्बा हमेशा तैयार रहता है।
कुरकुरे सुनहरे आलू, ताज़े प्याज़ के पत्ते और उनके ऊपर बिखरा महीन पोस्तो का पाउडर- बस यही सादगी इस सब्ज़ी को इतना खास बनाती है। पकते-पकते जब पोस्तो की मलाईदार खुशबू आलू में घुलती है, तो सच में दिल खुश हो जाता है। गरमागरम चावल के साथ यह सब्ज़ी बस कुछ ही मिनटों में गायब हो जाती है, घर में हमेशा यही होता है!

सबसे पहले आलू की तैयारी से शुरू करते है, क्योंकि आलू हमारी सब्जी की सबसे जरुरी सामान है। मैंने 4 आलू लिए है यह मैंने दो लोगो के हिसाब से लिया है। हमे सबसे पहले सारे आलू को छील लेना है, और फिर उनको काट लेना है मध्यम आकार के चौकोर टुकड़ो में।

अब एक कढ़ाई में सरसों का तेल गरम करें। मैं यहां जानबूझकर सरसों के तेल का इस्तेमाल करती हूं क्योंकि यही इस डिश की असली पहचान है।
तेल गरम होने पर उसमें कलौंजी डालकर हल्का तड़कने दें। जैसा फोटो में दिख रहा है, तेल में उठते बुलबुले और कलौंजी के हल्के काले दाने इस तड़के की शुरुआत का संकेत हैं।

तड़का तैयार होने के बाद अब कटे हुए आलू को सीधे गरम तेल में डाल दें। इस पल में आलू का हल्का सा सिज़ल होना ही बताता है कि तेल का तापमान बिल्कुल सही है।
आलू को डालने के तुरंत बाद उन्हें अच्छी तरह चला लें ताकि हर टुकड़ा तेल और कलौंजी के साथ अच्छी तरह कोट हो जाए।

अब आलू को मध्यम आंच पर तब तक फ्राई करें जब तक वे हल्के सुनहरे और किनारों से थोड़े कुरकुरे न हो जाएं। जैसा फोटो में साफ दिख रहा है, आलू के टुकड़ों पर हल्का सुनहरा रंग आना ही इस स्टेप की सफलता की निशानी है।
मैं बीच-बीच में आलू को पलटती रहती हूं ताकि वे हर तरफ से बराबर सिकें और तले में चिपके नहीं।

आलू के हल्के सुनहरे होने के बाद उसमें कटी हुई हरी मिर्च डालें और फिर कटे हुए प्याज़ के पत्ते मिला दें। जैसा फोटो में दिख रहा है, हरे-भरे प्याज़ के पत्ते आलू के साथ मिलकर सब्ज़ी को एक ताज़गी भरा रंग और हल्की मिठास देते हैं।
इन्हें आलू के साथ अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट तक पकने दें ताकि पत्ते हल्के नरम हो जाएं, लेकिन अपनी कुरकुराहट न खोएं।

जब तक आलू और प्याज़ के पत्ते पक रहे होते हैं, मैं पोस्तो यानी खसखस का पाउडर तैयार रखती हूं।
इसके लिए खसखस को पहले से भिगोकर बारीक पीस लिया जाता है, जिससे यह एक महीन पाउडर जैसा टेक्सचर ले लेता है।
जैसा फोटो में दिख रहा है, यह हल्के क्रीम रंग का महीन पाउडर ही इस डिश की असली जान है।

अब तैयार पोस्तो पाउडर को सीधे कढ़ाई में आलू और प्याज़ के पत्तों के ऊपर डाल दें। जैसा फोटो में दिख रहा है, हल्के भूरे रंग के आलू के बीच रखा सफेद पोस्तो पाउडर देखने में बेहद आकर्षक लगता है।
इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि पोस्तो हर टुकड़े पर बराबर लिपट जाए। साथ ही स्वादानुसार नमक भी डाल दें।

पोस्तो डालने के बाद सब्ज़ी को धीमी आंच पर कुछ मिनट तक भूनें, ताकि पोस्तो का कच्चापन पूरी तरह निकल जाए और वह आलू व प्याज़ के पत्तों के साथ अच्छी तरह घुल जाए।
आखिरकार आपकी आलू पोस्तो सब्ज़ी बनकर तैयार है।
जैसा आखिरी फोटो में दिख रहा है, कुरकुरे सुनहरे आलू, हरे प्याज़ के पत्ते और उनके ऊपर बिखरा पोस्तो का महीन लेप- यह सब मिलकर एक बेहद आकर्षक और स्वादिष्ट डिश बनाते हैं। इसे गरमागरम रोटी या चावल के साथ परोसें।
इस दौरान हल्के-हल्के चलाते रहें ताकि पोस्तो तले में चिपके नहीं। अगर सब्ज़ी थोड़ी सूखी लगे तो हल्का पानी का छींटा दे सकते हैं।