उबले बैंगन आलू का भरता
Description
यहाँ बैंगन को दो आलुओं के साथ सीधे पानी में उबाला जाता है। बैंगन का छिलका हल्के हाथ से उतर जाता है और गूदा एकदम नरम, मक्खन जैसा निकलता है। साथ में उबले आलू भरते को गाढ़ा, थोड़ा मलाईदार और पेट भरने वाला बना देते हैं। बैंगन अकेला हो तो भरता पनीला रह जाता है, आलू उसे सही बनावट देते हैं।
तड़के में जीरा और सौंफ का मेल इस भरते को आम भरते से अलग बनाता है। सौंफ की हल्की मिठास और खुशबू बैंगन की हल्की कड़वाहट को संतुलित कर देती है। ऊपर से ढेर सारा ताज़ा हरा धनिया डालने पर स्वाद और रंगत दोनों निखर आते हैं।
गरम फुलके, पराठे, रोटी या बाजरे की रोटी के साथ यह भरता बेहद स्वादिष्ट लगता है। साथ में हरी मिर्च, प्याज़ का सलाद और छाछ हो, तो सादा खाना भी दावत जैसा लगता है।
सामग्री (लगभग मात्रा)
उबालने के लिए
तड़के और मसाले के लिए
बनाने की विधि
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बैंगन और आलू धोएँ
एक बड़ा, चमकदार और भारी बैंगन चुनें, जिसमें बीज कम हों। बैंगन और दो आलू को अच्छी तरह धो लें। बैंगन का डंठल न काटें, इससे उबलते समय उसे पकड़ना आसान रहता है। चाहें तो बैंगन में चाकू से दो-तीन जगह हल्के चीरे लगा दें, ताकि अंदर तक बराबर पके।
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बैंगन और आलू को उबालें
बैंगन और आलू को एक बड़े भगोने में रखें और इतना पानी डालें कि दोनों डूब जाएँ। ढककर मध्यम आँच पर 10-15 मिनट उबालें, जब तक चाकू या काँटा बैंगन और आलू में आसानी से घुस जाए। बैंगन पानी में तैर सकता है, इसलिए बीच-बीच में उसे पलट दें ताकि हर तरफ से पके। कुकर में बनाना हो तो 2 सीटी काफी हैं।
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छिलका उतारें और ठंडा होने दें
पके हुए बैंगन का छिलका सिकुड़कर झुर्रीदार हो जाता है, यही सही पकने की निशानी है। दोनों को पानी से निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें। ठंडे पानी में डुबोने से छिलका आसानी से उतरता है। बैंगन का छिलका और डंठल हटाएँ, आलू का भी छिलका उतार दें।
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सभी सब्जियाँ काट लें
इस बीच प्याज़, टमाटर, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च बारीक काट लें। सब कुछ पहले से तैयार रखने से तड़का लगाते समय भागदौड़ नहीं होती और मसाला जलता नहीं।
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तेल में जीरा का तड़का लगाएँ
कढ़ाई या भगोने में तेल गरम करें। तेल गरम होने पर जीरा डालें और चटकने दें। सौंफ का हल्का सुनहरा होना और खुशबू आना इसकी पहचान है। यहाँ आँच मध्यम रखें, वरना मसाले जल जाएँगे।
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अदरक, लहसुन और हरी मिर्च भूनें
अब कटा हुआ अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालें। इन्हें 1 मिनट तक चलाते हुए भूनें, जब तक कच्ची महक न चली जाए और लहसुन हल्का सुनहरा होने लगे।
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प्याज़ को नरम होने तक भूनें
कटा हुआ प्याज़ डालें और 3-4 मिनट तक भूनें, जब तक प्याज़ पारदर्शी और हल्का सुनहरा न हो जाए। प्याज़ अच्छी तरह भुनने से भरते में मिठास और गहराई आती है।
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टमाटर डालें
बारीक कटे टमाटर डालकर मिलाएँ। ढककर 3-4 मिनट पकाएँ, ताकि टमाटर गल जाएँ और तेल छोड़ने लगें।
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सूखे मसाले मिलाएँ
अब हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर और नमक डालें। मसालों को टमाटर-प्याज़ के साथ चलाते हुए मिलाएँ। मसालों को ज्यादा देर सूखा न भूनें, नहीं तो जल सकते हैं। चाहें तो छींटा भर पानी डाल दें।
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मसाला तेल छोड़ने तक भूनें
मसाले को 4-5 मिनट तक भूनें, जब तक वह गाढ़ा होकर किनारों से तेल न छोड़ने लगे। यही अच्छे भुने मसाले की पहचान है, इसलिए जल्दबाजी न करें। इसी मसाले पर पूरे भरते का स्वाद टिका है।
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बैंगन और आलू को मसाले में मिलाएँ
छिले हुए बैंगन और आलू को हाथ से या चम्मच से तोड़ते हुए मसाले में डालें। बड़े टुकड़े रहने दें, फिर कलछी से दबाते हुए मिलाएँ।
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मैश करके पकाएँ
आलू-बैंगन को मसाले के साथ अच्छी तरह मैश करें। मध्यम आँच पर 5-7 मिनट तक चलाते हुए पकाएँ, जब तक सारे मसाले भरते में घुल न जाएँ। पानी की जरूरत लगे तो एक-दो चम्मच डालें। भरता न ज्यादा गीला हो, न ज्यादा सूखा।
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हरा धनिया और गरम मसाला मिलाएँ
गैस बंद करने से ठीक पहले गरम मसाला और ढेर सारा बारीक कटा हरा धनिया डालें। एक-दो बार चलाकर मिला दें। हरा धनिया ज्यादा पकाने पर अपना रंग और खुशबू खो देता है, इसलिए इसे अंत में ही डालें।
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गरमा-गरम भरते को परोसें
भरते को प्लेट में निकालें और ऊपर से थोड़ा और हरा धनिया डालें। गरम फुलके, पराठे या रोटी के साथ परोसें। चाहें तो ऊपर से एक चम्मच कच्चा सरसों का तेल या घी डाल लें।
